संसद द्वारा संकटकाल की घोषणा का अनुमोदन कितनी अवधि के अन्तराल में होना आवश्यक है?

उत्तर-संविधान के अनुच्छेद-352 के अनुसार, यदि राष्ट्रपति को यह समाधान हो जाता है कि गम्भीर आपात स्थिति विद्यमान है, जिससे युद्ध या बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के कारण भारत या उसके राज्यक्षेत्र के किसी भाग की सुरक्षा संकट में है, तो वह उद्घोषणा द्वारा सम्पूर्ण भारत या उसके राज्यक्षेत्र के ऐसे भाग के सम्बन्ध में, जो उद्घोषणा में विनिर्दिष्ट किया जाए, संकटकाल की घोषणा कर सकता है.
इस अनुच्छेद के अधीन की गई उद्घोषणा संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखी जाएगी और जहाँ वह पूर्ववर्ती उद्घोषणा को वापस लेने वाली उद्घोषणा नहीं है वहाँ वह एक माह की समाप्ति पर यदि उस अवधि की समाप्ति से पहले संसद के दोनों सदनों के संकल्पों द्वारा उनका अनुमोदन नहीं कर दिया जाता, तो प्रवर्तन में नहीं रहेगी.

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